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क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट: क्या होता है? इसकी शिकायत कैसे दर्ज कराएं?

क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट: क्या होता है? इसकी शिकायत कैसे दर्ज कराएं?
Bharti
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नेहा एक जिम्मेदार कस्टमर है। वह हर महीने बड़ी ही बारिकी से अपना क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट चेक करती है। लेकिन पिछले महीने जब उसने अपना बिल देखा, तो उसके होश उड़ गए। उसने पूरे महीने जितना खर्च नहीं किया था, उससे कहीं ज्यादा का बिल आया था। आनन-फानन में उसने अपना स्टेटमेंट खोला और सारे ट्रांजैक्शन चेक करने लगी। जांच-पड़ताल कर उसने पाया कि स्टेटमेंट में ऐसे ट्रांजैक्शन शामिल थे, जो उसने कभी किए ही नहीं थे। नेहा ने अपने स्टेटमेंट में मौजूद ये गलतियां पकड़ ली और फटाफट क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट फाइल किया और उसे अपने पैसे वापस मिल गए। नेहा को तो अपने पैसे वापस मिल गए, लेकिन चिंता मत कीजिए अगर आप इस तरह की मुसिबत में फंस जाते हैं या इससे बचना चाहते हैं तो ये आर्टिकल पढ़ें।

क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट क्या होता है?

क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट तब होता है, जब कंज्यूमर अपनी क्रेडिट कार्ड कंपनी से गलत या धोखाधड़ी के तहत काटे गए चार्जेस को हटाने के लिए कहता है। यह तब हो सकता है जब आपके अकाउंट से ऐसे चार्ज़ेस काटे गए हो जो आपने ऑथराइज न किए हो, किसी खरीदारी पर दो बार पैसे कट गए हो या आपके बिल में कोई गड़बड़ी हो।

अगर डिस्प्यूट खरीदी गई वस्तु की क्वालिटी से संबंधित है, उसकी डिलीवरी या कस्टमर सर्विस प्रोसेस से संबंधित है, तो पहले विक्रेता के साथ समस्या का समाधान करने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन अगर आपकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है या आपको लग रहा है यह किसी तरह का फ्रॉड या अकाउंट बिलिंग में कोई गलती हो सकती है, तो क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट दर्ज करना चाहिए।

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कौन-से मामले क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट के तहत आते हैं? 

क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट किन मामलो में दर्ज करना चाहिए, उनके बारे में नीचे बताया गया है:-

  • फ्रॉड ट्रांजैक्शन: अगर आपको अपने क्रेडिट कार्ड में कोई ऐसा ट्रांजैक्शन दिखता है जो आपने नहीं किया हो, तो ये क्रेडिट डिस्प्यूट के तहत आता है। क्योंकि यह ट्रांजैक्शन किसी तरह का फ्रॉड, आइडेंटिटी चोरी का मामला हो सकता है।
  • डुप्लीकेट ट्रांजैक्शन: मान लीजिए, आपने ऑनलाइन कोई सामान खरीदा और उसका भुगतान किया। लेकिन आपके अकाउंट से दो तीन बार पैसे कट गए, इसे डुप्लीकेट ट्रांजैक्शन कहते हैं।
  • बिलिंग से संबंधित गड़बड़ी: क्रेडिट कार्ड में बिल पेमेंट से संबंधित गलती जैसे- ज्यादा राशि कट जाने, ऐसे प्रोडक्ट्स या सर्विसेज का पैसा काटा गया हो, जिसका आपने इस्तेमाल नहीं किया या फिर आपने कोई सामान खरीदा लेकिन कैंसिलेशन पीरियड के दौरान उसे कैंसिल करने के बावजूद पैसा कट गया हो आदि, आते हैं।
  • कैंसिलेशन संबंधित डिस्प्यूट: ऐसा भी हो सकता है कि आपने कोई सर्विस या सब्सक्रिप्शन कैंसिल कर दिया है, लेकिन फिर भी अकाउंट से पैसे कट रहे हों।

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क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट को लेकर शिकायत कैसे दर्ज करें?

क्रेडिट कार्ड पर होने वाले ऐसे डिस्प्यूट कस्टमर्स के सिरदर्द का कारण बन जाते हैं। इसलिए स्टेटमेंट में कोई गड़बड़ी जैसे ही दिखे तुरंत बैंक के पास उसकी शिकायत दर्ज करें। आप बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल कर शिकायत कर सकते हैं। आमतौर पर, कस्टमर केयर नंबर आपके क्रेडिट कार्ड के पीछे या बैंक की वेबसाइट पर जाकर मिल जाएगा। शिकायत करते समय पूरा मामला बताएं और हो सके तो उससे जुड़े प्रूफ सबमिट करें। शिकायत सही मिलने पर स्टेटमेंट की इन गलतियों को ठीक किया जाता है। साथ ही, इस गड़बड़ी की वजह से जो पैसे कटते हैं या नुकसान होता है उसकी भरपाई कर दी जाती है।

क्या इससे आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है?

क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट फाइल करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में होने वाली गड़बड़ी जैसे क्रेडिट कार्ड से हुए फ्रॉड ट्रांजैक्शन, लोन या ईएमआई का समय पर पेमेंट करने के बावजूद डिफॉल्ट या लेट पेमेंट के रूप में दिखना आदि आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, अगर आप डिस्प्यूट दर्ज कर इसे ठीक करवाते हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर वापस ठीक हो जाएगा।

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ये बातें गांठ बांध लें

जैसा कि आपने जाना क्रेडिट कार्ड में किसी गड़बड़ी को समय पर ठीक न करवाने से आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है। इससे बचने के लिए समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट चेक करें। किसी गलती पर नज़र पड़ते ही बैंक को उसकी जानकारी देना न भूलें। क्रेडिट डिस्प्यूट दर्ज करना काफी अहम है, इसका खास ख्याल रखा जाना ज़रूरी है।

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