क्रेडिट कार्ड

क्रेडिट कार्ड में एपीआर (APR) क्या होता है? कैसे आपके कार्ड को प्रभावित करता है

क्रेडिट कार्ड में एपीआर (APR) क्या होता है? कैसे आपके कार्ड को प्रभावित करता है
Vandana Punj
Vandana Punj

अगर आप पहली बार क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो एपीआर के बारे में पता होना चाहिए। क्योंकि यह आपके क्रेडिट कार्ड के महत्वपूर्ण तथ्यों में से एक है। APR क्रेडिट कार्ड के बकाया राशि पर लगने वाला ब्याज होता है। एपीआर कितने प्रकार का होता है, कैसे कैलकुलेट किया जाता है और इसका आपके कार्ड पर क्या असर पड़ता है जानने के लिए लेख आगे पढ़ें…

एपीआर क्या होता है?

अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो उसके खर्चों का बिल भी आता होगा। जब आप इस पूरे बिल का भुगतान न करके, मिनिमम अमाउंट ड्यू का ही भुगतान करते हैं तो उस बकाया राशि पर लगने वाला सालाना ब्याज ‘एपीआर’ कहलाता है। आसान शब्दों में हम इसे क्रेडिट कार्ड इंटरेस्ट रेट कह सकते हैं। एपीआर (APR) का फुल फॉर्म- ‘एनुअल परसेंटेज रेट’ होता है। ये एपीआर कार्ड के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। जैसे आपके एक कार्ड का एपीआर 2.5% प्रति माह हो सकता है तो दूसरे कार्ड का एपीआर 4.5% प्रति माह भी हो सकता है।

APR काम कैसे करता है?

बैंक या कार्ड प्रदाता आपके क्रेडिट स्कोर को ध्यान में रखकर एपीआर निर्धारित करते हैं। क्रेडिट स्कोर 750 या उससे अधिक होने पर एपीआर कम होता है। वहीं, क्रेडिट स्कोर कम होने पर एपीआर अधिक होता है। आमतौर पर एपीआर कम होना बेहतर होता है क्योंकि आपको कम ब्याज का भुगतान पड़ता है।

एपीआर सभी क्रेडिट कार्ड पर होता है। हालांकि अगर आप प्रत्येक बिलिंग साइकिल में पूरे बिल का भुगतान समय से करते हैं तो ब्याज यानी एपीआर लागू नहीं होता। वहीं, अगर आप मिनिमम अमाउंट ड्यू का भुगतान करते हैं तो ब्याज भरना पड़ता है।

‘आपको कितने ब्याज का भुगतान करना होगा ये आपके कार्ड के एपीआर, बकाया राशि और आपके मासिक भुगतान पर निर्भर करता है।’

हालांकि ब्याज से राहत देने के लिए कार्ड प्रदाता ग्रेस पीरियड ऑफर करते हैं। अगर आप ग्रेस पीरियड के अंदर पूरे बिल का भुगतान कर देते हैं तो कोई ब्याज नहीं देना पड़ता। लेकिन ये तभी लागू होता है जब एक महीने का बकाया हो। अधिकतर बैंक या कार्ड प्रदाता क्रेडिट कार्ड पर ग्रेस पीरियड ऑफर करते हैं। हालांकि ग्रेस पीरियड बैंक अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकता है।

उदाहरण से समझें- आपके क्रेडिट कार्ड पर 21 दिन का ग्रेस पीरियड है। तो बिलिंग साइकिल की अंतिम तारीख से अगले 21 दिन का और समय मिलेगा। अगर आप नए बिलिंग साइकिल से पहले अपनी बकाया राशि का भुगतान कर देते हैं तो कोई ब्याज नहीं देना होगा।

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एपीआर की गणना कैसे होती है?

क्रेडिट कार्ड पर एपीआर कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है।

क्रेडिट कार्ड इंटरेस्ट= [डेली रेट] x [टोटल डेली बैलेंस] x [एक बिलिंग साइकिल में शामिल कुल दिन] Credit card interest = [daily rate] x [total daily balance] x [number of days in billing cycle]

  • डेली रेट निकालने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड लेनदेन एपीआर को 365 से भाग दें। अगर आपका एनुअल परसेंटेज रेट 18% है, तो डेली रेट .00049% होगा।
  • बिलिंग चक्र के प्रत्येक दिन के समापन पर अपनी राशि जोड़ें और अपना डेली एवरेज बैलेंस प्राप्त करने के लिए कुल राशि को बिलिंग चक्र में दिनों की संख्या से विभाजित करें। जो नंबर आएगा वो आपका डेली एवरेज बैलेंस होगा।
  • अपने डेली इंटरेस्ट को डेली एवरेज बैलेंस से गुना करें फिर इसे बिलिंग साइकिल के कुल दिनों से इसे गुना करें।

क्रेडिट कार्ड पर इंटरेस्ट कैसे कैलकुलेट करें

                                        DPR                                बिलिंग साइकिल                               ABD                                  मंथली इंटरेस्ट चार्ज
(दैनिक पीरियड रेट)      X                  (दिन में)                      X      (एवरेज दैनिक बैलेंस)      = 

                                       0.043%             X                     30                           X           4,17,250                   =           5,482.93 

      DPR = ADB ÷ APR

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इतने तरह के होते हैं एपीआर

  • पर्चेज एपीआर- जब आप अपने क्रेडिट कार्ड बकाया राशि का अगले ड्यू डेट तक पूरा भुगतान नहीं कर देते हैं, तब पर्चेज एपीआर (Purchase APR) चार्ज लगाया जाता है। हालांकि आपने ये खरीदारी ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह से की हो। इसकी गणना सामान खरीद ने से लेकर बिल का भुगतान न करने तक की जाती है।
  • इंट्रोडक्टरी एपीआर- ये एक खास तरह का इंटरेस्ट होता है, जो एक निश्चित समय (पर्मोशनल पीरियड) के लिए ऑफर किया जाता है। यह आमतौर पर एपीआर की तुलना में कम होता है। इसका इस्तेमाल खरीदारी और बैलेंस ट्रासफर दोनों कामों के लिए किया जा सकता है। जब ये पर्मोशनल पीरियड (आमतौर पर 3 माह या 6 माह) खत्म हो जाता है तो सामान्य एपीआर लागू हो जाता है। संक्षेप में कहे तो इस पर्मोशनल पीरियड में क्रेडिट कार्ड इंटरेस्ट फ्री क्रेडिट कार्ड के रूप में काम करता है।
  • कैश एडवांस एपीआर- ये इंटरेस्ट रेट कार्ड के जरिए कैश निकालने पर लगाया जाता है। इसका इंटरेस्ट रेट खरीद एपीआर (Purchase APR) के बराबर भी हो सकता है या अधिक भी। इसमें कोई ग्रेस पीरियड यानी छूट अवधि शामिल नहीं होता है। इसकी गणना कैश निकालने के समय से लेकर उस राशि के भुगतान तक किया जाता है। यह प्रतिदिन के आधार पर भी कैलकुलेट किया जा सकता है।
  • पेनल्टी एपीआर- जब कार्डहोल्डर 2 माह से अधिक समय के लिए ड्यू डेट पर पूरे बिल का भुगतान नहीं करता है तब पेनल्टी एपीआर (Penalty APR) लगता है। ये ब्याज दर अन्य एपीआर की तुलना में अधिक हो सकता है। कार्ड प्रदाता ये चार्ज तब तक नहीं हटाता जब तक कार्ड होल्डर लगातार अपने कुल महीनों के बिल का समय से भुगतान न करने लगे।

निष्कर्ष

क्रेडिट कार्ड कई सारे बेनिफिट जैसे- भुगतान में आसानी,रिवॉर्ड-पॉइंट, 40-45 दिन का फ्री क्रेडिट पीरियड, कैशबैक और डिस्काउंट जैसी सुविधाएं के साथ आता है। हालांकि इन सुविधाओं के इतर कार्ड पर उपरोक्त बताए गए चार्जेस भी लगते हैं। आप एपीआर और पेनल्टी चार्ज से बच सकते हैं, क्रेडिट कार्ड बिल का समय से भुगतान करके। क्रेडिट कार्ड का अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसका समझदारी और सावधानी से इस्तेमाल करना जरूरी है।

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