क्रेडिट कार्ड

जानें क्या है क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट, उसमें क्या-क्या चेक करना चाहिए

जानें क्या है क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट, उसमें क्या-क्या चेक करना चाहिए
Vandana Punj
Vandana Punj

क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट एक ऐसा फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट है जो आपको आपके क्रेडिट कार्ड से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करता है। यह महीने में एक बार जारी किया जाता है। इसमें आपके द्वारा एक बिलिंग साइकिल के दौरान किए गए विभिन्न खर्चों और जमा की डिटेल्स होती है। हालांकि पहली बार क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट (Credit Card Statement) समझना मुश्किल हो सकता है। आपकी इस मुश्किल को आसान बनाने के लिए इस आर्टिकल में कुछ टर्म्स को समझाया गया है, तो चलिए जानते हैं क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट चेक करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

कुल बकाया और न्यूनतम बकाया

आपको अपने क्रेडिट कार्ड पर सबसे पहले बकाया राशि चेक करनी चाहिए। कार्ड पर दो तरह का बकाया- कुल बकाया और न्यूनतम बकाया दिया हुआ होता है। कुल बकाया वह राशि है जो आपके कार्ड पर बकाया है, जबकि न्यूनतम बकाया (Minimum Due Amount) कुल बकाया का एक हिस्सा जो आमतौर पर 5% तक का हो सकता है। न्यूनतम बकाया में आपकी वर्तमान ईएमआई, चार्ज, पेनल्टी और जीएसटी आदि शामिल होती है।

अगर किसी महीने पैसों की दिक्कत हो जाए और आप कुल बकाया राशि का भुगतान नहीं कर सकते हैं तो कार्ड प्रदाता आपको न्यूनतम बकाया राशि भुगतान करने का ऑप्शन भी देता है। मीनिमम बैलेंस का भुगतान करके आप पेनल्टी चार्ज और क्रेडिट कार्ड पर पड़ने वाले नाकारात्म प्रभाव से बच सकते हैं। जिसका मतलब है कि आपको अपने बकाया राशि (आउटस्टैंडिंग बैलेंस) पर एक्स्ट्रा इंटरेस्ट तो भरना होगा, लेकिन लेट फीस माफ हो जाएगा।

हालांकि जब आप न्यूनतम बैलेंस का भुगतान करते हैं, तो बाकी बकाया राशि पर फाइनेंस चार्ज लगता है। जो बैंक पर निर्भर करता है (आमतौर पर 14 से 40% के बीच)। सिर्फ इतना ही नहीं आपके द्वारा खरीदा गया नया सामान भी इंटरेस्ट-फ्री नहीं हो सकता। इसका मतलब है नए खरीद पर भी शुरुआती दिन से ही चार्ज लगाया जाएगा। इसलिए आपको हमेशा अपने बकाया राशि का समय से भुगतान करना चाहिए, वरना आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं।

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प्रीपेमेंट ड्यू डेट

ये क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान की आखिरी तारीख होती है। इस तारीख तक आपको कुल बकाया राशि या फिर न्यूमतम बकाया राशि का भुगतान करना ही होता है। अगर आप इस ड्यू डेट से चूक जाते हैं तो आपको पेनल्टी भरनी होगी। वहीं, अगर आप ड्यू डेट तक या उससे पहले न्यूनतम बकाया राशि का भुगतान भी कर देते हैं तो आपको कोई पेनल्टी नहीं भरनी होगी और आपके क्रेडिट स्कोर भी इसका कोई नाकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। हालांकि बकाया राशि के साथ नई खरीदारी करने पर पेनल्टी देनी होगी।

बिलिंग साइकिल

एक बिलिंग साइकिल 30 दिनों का होता है और भुगतान की देय तारीख बिलिंग के 15-29 दिनों के बाद आती है। इससे आपको कुल 50 दिनों तक का इंटरेस्ट फ्री पीरियड मिलता है। आप अपने बिलिंग साइकिल के शुरुआती दिनों में मंहगी चीज (जिसका भुगतान ईएमआई में करना हो) की खरीदारी करते मुफ्त क्रेडिट अवधि का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।

उदाहरण से समझें: अगर आपका बिलिंग साइकिल 1-30 तारीख तक है और भुगतान की देय तारीख अगले महीने की 15 तारीख को है, तो 2 मार्च को किए गए लेन-दने का भुगतान 15 अप्रैल को करना होगा। और अगर आपके पास एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड है तो आप हर कार्ड के बिलिंग साइकिल के अनुसार अपनी खरीदारी का प्लान बना सकते हैं।

ट्रांजैक्शन डिटेल्स

इस सेक्शन में आपके क्रेडिट कार्ड खाते में कितना पैसा आया, किसने दिया और कितना खर्च हुआ, आपने किसको पेमेंट किया आदि इसकी सम्पूर्ण जानकरी होती है। इसलिए ये सेक्शन आपको ध्यान से पढ़ना चाहिए ताकि आप पता कर सकें कि आपने कहीं कोई गलत ट्रांजैक्शन तो नहीं कर दिया है। किसी भी तरह की कोई गलती मिलने पर आप इसकी सूचना कार्ड देने वाली बैंक/कंपनी को कर सकते हैं, ताकि वो ठीक कर सकें।

क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट चेक करना जरूरी है, इससे आपको पता चलता है कि आप अपने क्रेडिट कार्ड का कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा, यह आपको किसी भी तरह के फ्रॉड ट्रांजैक्शन और अनऑथोराइज्ड चार्ज की पहचान करने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने में मदद करता है।

रिवार्ड पॉइंट

क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में एक बिलिंग साइकिल के दौरान प्राप्त रिवार्ड प्वॉइंट्स और आपके द्वारा अबतक जमा कुल रिवार्ड्स की डिटेल होती है। इसमें वो रिवॉर्ड प्वॉइंट्स भी दिखाए जाते हैं जो जल्द ही एक्सपाइरी होने वाले हैं, ताकि आप उन्हें समय से रिडिम कर सकें। अगर आप सही तरीके से रिवॉर्ड प्वॉइंट का इस्तेमाल करते हैं तो ठीक-ठीक बचत कर सकते हैं। बैंक अपने ग्राहकों की खरीदारी अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ग्राहकों को नए ऑफर्स के बारे में सूचित भी करते रहते हैं।

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मौजूदा क्रेडिट लिमिट चेक करें

आप क्रडिट कार्ड से कितनी राशि खर्च कर सकते हैं, ये आपके क्रेडिट लिमिट पर निर्भर करता है। सभी क्रेडिट कार्ड्स की एक क्रेडिट लिमिट निर्धारित होती है। जब आप अपने क्रेडिट कार्ड से कुछ खरीदते हैं, खर्च करते हैं तो उतनी राशि आपके क्रेडिट लिमिट से कम हो जाती है। और जब आप अपने क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करते हैं तो आपको अपनी पुरानी क्रेडिट लिमिट मुहैया हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में मौजूदा क्रेडिट लिमिट (Available Credit Limit) चेक करें। ताकि आप अपने भविष्य की खरीदारी के लिए क्रेडिट यूटीलाइजेशन रेश्यो (CUR) का ध्यान रख सकेंगे।

निष्कर्ष

क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में आप अपनी अकाउंट समरी, डील और ऑफर्स आदि के बारे में भी जान सकते हैं। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड की ड्यू डेट चूक जाने पर पेनल्टी भरने से बचने के लिए आप क्रेडिट कार्ड ओटो पे (Credit Card Autopay) का ऑप्शन भी चुन सकते हैं। यह सुविधा कार्ड प्रदाता बैंक/कंपनी द्वारा कार्डहोल्डर को ऑफर किया जाता है। ओटो पे में आप अपनी मर्जी से चुन सकते हैं कि पेमेंट कब करना है और कितना करना है। इस तरह क्रेडिट कार्ड से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को समझ कर आप अपनी भविष्य की खरीदारी के लिए स्मार्ट निर्णय ले सकते हैं।

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