क्रेडिट स्कोर

हार्ड या सॉफ्ट इन्क्वायरी क्या होती है? और क्रेडिट स्कोर पर क्या प्रभाव डालती है

हार्ड या सॉफ्ट इन्क्वायरी क्या होती है? और क्रेडिट स्कोर पर क्या प्रभाव डालती है
Bharti
Bharti

आपने अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में “inquiries” का एक सेक्शन देखा होगा। आखिर यह क्या होती है? और इनका आपके क्रेडिट स्कोर पर क्या प्रभाव पड़ता है, आइए जानते हैं।

क्रेडिट इन्क्वायरी किसे कहते हैं?

जब किसी कंपनी या व्यक्ति (जिन्हें आपकी क्रेडिट रिपोर्ट देखने की अनुमित होती है) द्वारा आपकी क्रेडिट रिपोर्ट को चेक किया जाता है, तब उसे क्रेडिट इन्क्वायरी या क्रेडिट चेक कहते हैं। क्रेडिट इन्क्वायरी दो प्रकार की होती है – हार्ड इन्क्वायरी और सॉफ्ट इन्क्वायरी।

यह भी पढ़ें: इन चीज़ों का प्रभाव आपके क्रेडिट स्कोर पर नहीं पड़ता

हार्ड इन्क्वायरी क्या होती है?

लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने पर आपके एप्लीकेशन का मूल्यांकन करने के लिए बैंक और लोन संस्थान जब खूद आपका क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं, तो उसे “हार्ड इन्क्वायरी” कहा जाता है। यह आपके क्रेडिट रिपोर्ट पर नज़र आती है।

सॉफ्ट इन्क्वायरी किसे कहते हैं?

जब आप स्वयं अपना क्रेडिट स्कोर किसी वेबसाइट या ऐप के माध्यम से चेक करते हैं, तो इसे “सॉफ्ट इन्क्वायरी” के नाम से जाना जाता है। सॉफ्ट इन्क्वायरी तब भी होती है, जब लेंडर किसी प्री-अप्रूव्ड ऑफर के लिए आपका क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते हैं। सॉफ्ट इन्क्वायरी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर नज़र नहीं आती।

क्या बार-बार क्रेडिट स्कोर चेक करने से यह कम हो जाता है?

सॉफ्ट इन्क्वायरी का आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता इसलिए आप अपना क्रेडिट स्कोर जितनी बार चाहे उतनी बार चेक कर सकते हैं। बल्कि नियमित तौर पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट या क्रेडिट स्कोर चेक करना अच्छा माना जाता है। इसे चेक करने से आपको क्रेडिट रिपोर्ट में अपने क्रेडिट स्कोर, किसी गलती, अधूरी जानकारी या ऐसे ट्रांजैक्शन या अकाउंट जो आपने ऑथराइज न किए हो, का पता चलता है।

लेकिन हार्ड इन्क्वायरी का प्रभाव आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है। आमतौर पर, अगर आप कम समय में एक साथ कई बैंकों/ लोन संस्थानों में लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर कुछ प्वाइंट कम हो जाता है। कम क्रेडिट स्कोर भविष्य में आपके लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने की संभावना को कम करता है।

यह भी पढ़ें: सिबिल रिपोर्ट में हो सकती हैं ये गलतियां, ऐसे करें ठीक

हार्ड इन्क्वायरी के प्रभाव को कम कैसे करें?

इसे कम करने के लिए अलग-अलग जगह लोन के लिए आवेदन करने के बजाय ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केटप्लेस के ज़रिए सभी लोन ऑफर्स की तुलना करें और अपने लिए बेस्ट ऑफर का पता लगाएं। इन ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केटप्लेस के ज़रिए की गई इन्क्वायरी को सॉफ्ट इन्क्वायरी माना जाता है और इनका आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। जिन लोगों को तुरंत लोन की ज़रूरत है, वो प्री-अप्रूव्ड लोन लेने का विचार कर सकते हैं। बैंक और लोन संस्थान सॉफ्ट इन्क्वयारी करने के बाद ही कस्टमर्स को प्री-अप्रूव्ड ऑफर्स भेजते हैं।

 

अन्य ब्लॉग

SBI MUDRA Loan- जानें एसबीआई ई-मुद्रा लोन क्या है और...

Vandana Punj
Vandana Punj

कैश क्रेडिट (Cash Credit) एक शॉर्ट टर्म लोन होता है,...

Vandana Punj
Vandana Punj

PAN Card Form- जानें पैन कार्ड फॉर्म 49A और 49AA क्य...

Vandana Punj
Vandana Punj