क्रेडिट स्कोर

अच्छे क्रेडिट स्कोर के बावजूद लोन नहीं मिल रहा? ये कारण हो सकते हैं

अच्छे क्रेडिट स्कोर के बावजूद लोन नहीं मिल रहा? ये कारण हो सकते हैं
Bharti
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आपको लोन देना चाहिए या नहीं, ये बैंक आपके क्रेडिट स्कोर, इनकम, जॉब प्रोफाइल, उम्र और आदि के आधार पर तय करते हैं। ये सभी चीज़े महत्वपूर्ण हैं, और प्रत्येक का महत्व बैंक के क्रेडिट एसेसमेंट के तरीके और आपने किस प्रकार के लोन के लिए अप्लाई किया है, इस पर निर्भर करता है।

अच्छा क्रेडिट स्कोर होने से मिलने की संभावना बढ़ती है, लेकिन वो लोन मिलने की गारंटी नहीं है। निम्नलिखित कारणों से अच्छा क्रेडिट स्कोर होने के बावजूद लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकती है।

मिनिमम इनकम की शर्त

किसी भी लोन के लिए बैंक की मिनिमम इनकम की शर्त होती है। बैंक आपके स्थान, यानी मेट्रो, शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आधार पर इनकम का अलग-अलग मानदंड तय कर सकते हैं। यह उन पहली शर्तों में से एक है जिनके आधार पर लोन एप्लीकेशन का असेसमेंट किया जाता है, जो आवेदक मिनिमम इनकम की शर्त पूरी नहीं करते हैं, उनकी लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दी जाती है।

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भुगतान क्षमता

बैंक उन लोगों को लोन देना पसंद करते हैं, जो अपनी इनकम का 50-55% ही कुल ईएमआई (वर्तमान और लिये जाने वाले लोन की ईएमआई) में खर्च करते हैं, इसे ईएमआई टू एनएमआई रेश्यो कहते हैं। अगर आपका रेश्यो इससे ज़्यादा है तो आप लोन की भुगतान अवधि बढ़ा सकते हैं, ताकि ईएमआई राशि कम हो जाए, लेकिन याद रखें कि ऐसा करने से आपका कुल ब्याज भुगतान भी बढ़ जाएगा।

साथ ही बता दें कि, जब भी आप किसी लोन में गारंटर बनते हैं तो आप उसके भुगतान के लिए समान रूप से ज़िम्मेदार हो जाते हैं। इसलिए ईएमआई टू एनएमआई रेश्यो कैलकुलेट करते हुए, बैंक इस लोन की ईएमआई को भी गिनेंगे।

स्थिर रोज़गार

बैंक लोन एप्लीकेशन चेक करते समय आवेदक के रोज़गार/ नौकरी का रिकॉर्ड और नौकरी की स्थिरता पर भी विचार करते हैं। चूंकि बार-बार नौकरी छोड़ना/ बदलना अस्थिरता का संकेत माना जा सकता है, ऐसे लोगों को लोन मिलने में मुश्किल आती है। इसलिए जल्दी-जल्दी नौकरी बदलने से बचने की कोशिश करें, खासकर यदि आप निकट भविष्य में लोन लेने की योजना बना रहे हैं।

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उम्र की शर्त को पूरा ना करना

बैंक लोन आवेदक की वर्तमान उम्र के साथ-साथ इस पर भी ध्यान देते हैं कि लोन अवधि के अंत में उसकी उम्र कितनी होगी। क्योंकि अगर आवेदक की उम्र ज़्यादा है, और लोन अवधि ख़त्म होने से पहले वो रिटायर हो जाता है, तो उसकी इनकम कम हो जाने के कारण उसे लोन ईएमआई भरने में मुश्किल आ सकती है। बैंक आमतौर पर उन ग्राहकों को लोन देना पसंद करते हैं जो रिटायर्मेंट से पहले लोन का भुगतान कर देंगें। इसलिए, जो लोग अपने रिटायरमेंट के करीब हैं, उन्हें लोन एप्लीकेशन में अपने परिवार के उन सदस्यों को सह-आवेदक के रूप में जोड़ना चाहिए जिनकी अच्छी क्रेडिट प्रोफ़ाइल और स्थिर इनकम है ताकि उनके लोन आवेदन मंज़ूरी की संभावना बढ़ सके।

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