क्रेडिट स्कोर

CIBIL Score: कम सिबिल स्कोर होने पर कैसे मिलेगा पर्सनल लोन, जानें

CIBIL Score: कम सिबिल स्कोर होने पर कैसे मिलेगा पर्सनल लोन, जानें
Vandana Punj
Vandana Punj

अगर आपका सिबिल स्कोर कम है, जिसकी वजह से लोन लेने में परेशानी हो रही है तो इस लेख में कुछ ऐसे टिप्स बताए गए हैं, जिन्हें फॉलो करके आप अपने पर्सनल लोन (Personal Loan) मिलने की संभावना को बढ़ा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं खराब सिबिल पर लोन कैसे लें:

लोन में सिबिल स्कोर का महत्व

पर्सनल लोन आवेदन का मूल्यांकन करते समय बैंक/NBFCs आवेदकों के कई सारे पहलुओं पर विचार करते हैं, जिसमें से क्रेडिट स्कोर (Credit Score) सबसे महत्वपूर्ण है। ये 300-900 अंक के बीच होता है, जो दिखाता है कि आवेदक लोन का कितनी जिम्मेदारी से भुगतान करते हैं। यानी आवेदक को लोन देने में कितना जोखिम है।

भारत के क्रेडिट ब्यूरो में से एक क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया लिमिटेड (CIBIL) क्रेडिट स्कोर जारी करता है, जिसके चलते इसे आम बोल-चाल की भाषा में सिबिल स्कोर भी कहते हैं। आमतौर पर 700 या उससे अधिक सिबिल स्कोर वाले आवेदक को लोन आसानी से मिलने की उम्मीद होती है।

जबकि 600 या उससे कम क्रेडिट स्कोर को अच्छा नहीं माना जाता है और ऐसे आवेदकों के लोन खारिज होने की संभावना होती है। हालांकि कुछ NBFCs ऐसे हैं जो कम क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को भी लोन ऑफर करते हैं। हालांकि इसकी कुछ शर्तें होती हैं। जो निम्न प्रकार है:

ऐसे मिलेगा कम सिबिल स्कोर पर पर्सनल लोन

  • आवेदक की आय- अगर आवेदक के पास स्थाई और उच्च आय का स्रोत है। तो बैंक/NBFCs को लगता है कि वह आवेदक लोन EMIs का समय से और पूरा भुगतान कर सकता है। इसलिए बैंक ऐसे आवेदकों को कम क्रेडिट स्कोर के बावजूद भी लोन देने के लिए तैयार हो जाते हैं।
  • MNCs या प्रतिष्ठित संस्थान के कर्मचारी- जो कर्मचारी किसी प्रतिष्ठित कोर्पोरेट/MNCs या पब्लिक सेक्टर कंपनी में काम करते हैं, बैंक की नजर में दूसरों की अपेक्षाकृत उनकी जॉब और इनकम की स्टेब्लिटी अधिक होती है।

बैंक व एनबीएफसी द्वारा ऐसे आवेदकों के लोन स्वीकार करने की संभावना अधिक होती है, जो बार-बार अपनी नौकरी नहीं बदलते और लोन EMIs पेमेंट करने की क्षमता रखते हो। यानी सिबिल स्कोर कम होने के बावजूद भी जॉब स्टेब्लिटी और किस कंपनी में काम कर रहे हैं इस आधार पर लोन मिल सकता है।

  • एनबीएफसी और फिनटेक डिजिटल लेंडर चुनें- ऐसे आवेदक जो पर्सनल लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं और उनका क्रेडिट स्कोर कम है, उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि अधिकतर बैंक/NBFCs उनके आवेदन को खारिज कर सकते हैं। भले ही वह किसी प्रतिष्ठित संस्थान में जॉब करते हो और उनकी सैलरी भी अधिक क्यों न हो।

हालांकि कुछ एनबीएफसी और फिनटेक लेंडर ऐसे भी हैं जो कम क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को लोन प्रदान करते हैं, लेकिन इसकी ब्याज दरें अधिक होती है। इसलिए कम सिबिल स्कोर वाले आवेदक को ऐसा NBFCs और फिनटेक लेंडर चुनना होगा जो उन्हें लोन ऑफर करते हो।

  • सह-आवेदक के साथ लोन आवेदन करें- कम सिबिल स्कोर (Low CIBIL Score) के मामले में, आवेदक अपने परिवार के किसी कमाने वाले सदस्य, जिसका क्रेडिट स्कोर अच्छा हो, को सह-आवेदक (Co-Applicant) बनाकर पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

ऐसा करने से बैंक व लोन संस्थान का आवेदक को लोन देने का जोखिम कम हो जाता है। क्योंकि अगर आवेदक लोन का भुगतान नहीं पाता है तो लोन भुगतान की जिम्मेदारी सह-आवेदक की होगी। इसलिए कम क्रेडिट स्कोर (Low Credit Score) वाले सह-आवेदक के साथ पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

सिबिल स्कोर अन्य फैक्टर्स

हालांकि ध्यान रखें कि सिबिल स्कोर कम होने के बावजूद उपरोक्त तरीकों से आपको पर्सनल लोन तो मिल सकता है लेकिन इसकी ब्याज दरें अधिक होंगी। जिससे आपकी EMIs बढ़ जाएगी और आपका ओवरऑल लोन कॉस्ट भी बढ़ जाएगा। उपरोक्त बताए गए तरीकों के अलावा भी अगर आपको पर्सनल लोन नहीं मिल रहा है तो आपके पास और कौन से लोन- विकल्प हैं, जानने के लिए यहां क्लिक करें।

इन सब के इतर भविष्य में पैसों की जरूरत पड़ने पर लोन लेने या क्रेडिट कार्ड लेने के लिए अच्छा सिबिल स्कोर मैनटेन करें। सिबिल स्कोर आपके जीवन को कैसे प्रभावित करता है, और इसे कैसे बढ़ाएं जानने के लिए यहां क्लिक करें। सिबिल स्कोर अच्छा होने से न सिर्फ आपके लोन एप्रूव्ल की संभावना बढ़ेगी बल्कि कम ब्याज दर पर लोन भी मिलेगा।

कम सिबिल स्कोर से संबंधित प्रश्न

सिबिल खराब है पर लोन चाहिए, कैसे मिलेगा?

सिबिल 600 या उससे कम होने को खराब सिबिल स्कोर माना जाता है। हालांकि कुछ बैंक व एनबीएफसी कम सिबिल स्कोर वाले आवेदकों को उनके जॉब प्रोफाइल, सैलरी आदि के आधार पर लोन ऑफर कर सकते हैं। हालांकि इसकी ब्याज दरें अधिक हो सकती है।

पर्सनल लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए?

यह कोई निश्चित नहीं है कि इतना सिबिल स्कोर होने पर आपको पर्सनल लोन मिल ही जाएगा। लेकिन आमतौर पर बैंक व एनबीएफसी 750 या उससे अधिक क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को लोन देना पसंद करते हैं। वहीं, 600 या उससे कम सिबिल स्कोर वाले आवेदकों को लोन मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

सिबिल स्कोर खराब होने पर क्या करें?

अगर सिबिल कम होने की वजह से आपका लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट हो रहा है तो निम्न तरीकों से सिबिल स्कोर बढ़ाएं (CIBIL Score Badhaye):

  • समय पर लोन रिपेमेंट करें
  • क्रेडिट रिपोर्ट की कमियों की जांच करें
  • ड्यू न रखें
  • एक समय पर कई लोन लेने से बचे आदि।

बिना सिबिल स्कोर के कौन-सा बैंक लोन देता है?

अगर आपके पास सिबिल स्कोर नहीं है और आप लोन के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो ऑनलाइन लोन प्रदान करने वाली संस्थाओं, एनबीएफसी और  पीयर-टू-पीयर लैंडिंग प्लेटफॉर्म से लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

सिबिल कितने दिनों में ठीक हो जाता है?

आमतौर पर सिबिल ब्यूरो 30-45 दिनों में क्रेडिट स्कोर अपडेट करता है। ऐसे में अगर आप सिबिल स्कोर बढ़ाने के लिए कोई कदम उठाया है तो उसका परिणाम एक से डेढ़ महीनों में दिखेगा।

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