क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर के बीच क्या है अंतर, जानें

क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर के बीच क्या है अंतर, जानें
Bharti
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क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट इन दोनों के नाम एक जैसे होने की वजह से लोग इन दोनों के बीच के अंतर को नहीं समझ पाते। अगर आप क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने, लोन लेने की सोच रहें हैं तो आपको इन टर्म्स को बारे में पता होना चाहिए। इस लेख में क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी गई है।

क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट के बीच अंतर

क्रेडिट रिपोर्ट आपने स्कूलों में मिलने वाले रिपोर्ट कार्ड देखे होंगे, उनमें आपकी पर्सनल डिटेल्स के अलावा आप कौन-कौन सा सब्जेक्ट पढ़ते हैं और किसमें कितने मार्क्स आते हैं इन सबकी जानकारी होती है। इसी तरह क्रेडिट रिपोर्ट भी होती है इसमें आपकी पूरी क्रेडिट हिस्ट्री की जानकारी होती है।

क्रेडिट रिपोर्ट में आपकी पूरी क्रेडिट हिस्ट्री होती है, यानी आपने कब और कहां लोन के लिए आवेदन किया है, आपने कितने लोन और क्रेडिट कार्ड लिये हुए हैं, उन लोन की EMI और क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान समय पर करते हैं या नहीं, इन सबकी जानकारी होती है। क्रेडिट रिपोर्ट को सिबिल रिपोर्ट भी कहा जाता है। क्रेडिट रिपोर्ट को क्रेडिट ब्यूरो द्वारा जारी किया जाता है। भारत में चार क्रेडिट ब्यूरो क्रेडिट रिपोर्ट जारी करते हैं, उनमें ट्रांसयूनियन सिबिल, इक्विफैक्स, एक्सपेरियन और CRIF हाईमार्क शामिल हैं।

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क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। जब भी आप किसी लोन के लिए आवेदन करते हैं तो बैंक/NBFC आपके
क्रेडिट स्कोर को ज़रूर चेक करते हैं। क्रेडिट स्कोर से पता चलता है कि आपके द्वारा समय पर लोन चुकाने की कितनी संभावना है।

आपका क्रेडिट स्कोर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर तय किया जाता है। आमतौर अधिकतर बैंक/NBFC उन लोगों को लोन देना पसंद करते हैं जिनका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे अधिक होता है। जिन लोगों का क्रेडिट स्कोर कम होता है उन्हें लोन मिलने में मुश्किल आती है और अगर लोन मिलता भी है तो ब्याज दर अधिक होती है।

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क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट के बीच क्या संबंध हैं?

क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट एक दूसरे से सीधे तौर पर जुड़ें हुए हैं। क्रेडिट रिपोर्ट के आधार पर ही आपका क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट किया जाता है। ऐसे में अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट अच्छी है तो आपका क्रेडिट स्कोर भी अच्छा होगा। खराब क्रेडिट रिपोर्ट होने पर क्रेडिट स्कोर भी खराब ही होगा। एक तरह से देखा जाए तो आपका क्रेडिट स्कोर आपके क्रेडिट रिपोर्ट व हिस्ट्री का सारांश होता है।

 

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