क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट स्कोर कम होने पर पड़ते हैं ये प्रभाव, जानें

क्रेडिट स्कोर कम होने पर पड़ते हैं ये प्रभाव, जानें
Bharti
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कोई लोन अप्लाई करना हो या क्रेडिट कार्ड लेना हो, इनके लिए अच्छा क्रेडिट स्कोर होना ज़रूरी है। क्रेडिट स्कोर कम होने पर आपके क्रेडिट कार्ड और लोन एप्लीकेशन को रिजेक्ट किया जा सकता है, वहीं अगर आपको लोन मिलता भी है तो उस पर अधिक ब्याज दरें लागू होंगी। इस लेख में खराब क्रेडिट स्कोर से पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताया गया है।

कम क्रेडिट स्कोर के प्रभाव

लोन व क्रेडिट कार्ड ना मिलना

कोई भी बैंक/NBFC लोन या क्रेडिट कार्ड देने से पहले आवेदक के क्रेडिट स्कोर को चेक ज़रूर करते हैं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है तो आपकी लोन या क्रेडिट कार्ड एप्लीकेशन रिजेक्ट (Credit Card Application Rejection) हो सकती है। लोन भुगतान में देरी या डिफॉल्ट जैसे कारणों से आपका क्रेडिट स्कोर कम हो जाता है।

इसलिए बैंक ऐसे आवेदकों को लोन या क्रेडिट कार्ड देकर जोखिम नहीं उठाना चाहते। अगर आपको लोन मिल भी जाए तो उसकी ब्याज दर ज़्यादा होगी, जबकि ज़्यादा क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को कुछ बैंक कम ब्याज दरों पर लोन ऑफर करते हैं।

यह भी पढ़ें: इन चीज़ों का प्रभाव आपके क्रेडिट स्कोर पर नहीं पड़ता

लोन बैलेंस ट्रान्सफर

कई बार बैंक अन्य बैंकों के मौजूदा लोन कस्टमर्स को ये ऑफर देते हैं कि वो अपना बकाया लोन कम ब्याज दरों पर उनके बैंक में ट्रान्सफर कर सकते हैं, इसे लोन बैलेंस ट्रान्सफर कहा जाता है। आपकी जो लोन राशि बकाया है, नया बैंक आपके पुराने बैंक को उसका भुगतान कर देता है और अब आप नए बैंक को कम ब्याज दरों पर लोन चुका सकते हैं। इससे आपकी ब्याज लागत कम हो जाती है।

बैलेंस ट्रान्सफर के लिए भी बैंक व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो हो सकता है कि आपको बैलेंस ट्रान्सफर का लाभ भी ना मिले।

प्री-अप्रूव्ड ऑफर्स

कई बैंक/NBFC अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को प्री-अप्रूव्ड लोन ऑफर्स प्रदान करते हैं। इन ऑफर में ब्याज दर तुलनात्मक रूप से कम होती है, और प्रोसेसिंग टाइम भी कम होता है यानी अप्लाई करते ही आपको इंस्टेंटली लोन मिल जाता है, लेकिन जिन आवेदकों का क्रेडिट स्कोर कम होता है उन्हें इस तरह के ऑफर्स नहीं दिए जाते।

ऐसे सुधार सकते हैं अपना क्रेडिट स्कोर

आप अपना क्रेडिट स्कोर इस तरह सुधार सकते हैं:

  • तय समय पर अपनी ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिलों का भुगतान करें
  • बार-बार अपनी पूरी क्रेडिट लिमिट का उपयोग ना करें
  • कम समय में कई बार लोन या क्रेडिट कार्ड अप्लाई ना करें
  • समय-समय पर क्रेडिट रिपोर्ट को चेक करें, गलत जानकारी मिलने पर ब्यूरो को उसकी सूचना दें।

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