क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो क्या है? और क्रेडिट स्कोर पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?

क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो क्या है? और क्रेडिट स्कोर पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?
Bharti
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आपका क्रेडिट स्कोर कई कारकों के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है जिनमें से क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो (Credit Utilisation Ratio) एक प्रमुख कारक है। ये क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो क्या है? और इसका क्रेडिट स्कोर पर क्या प्रभाव पड़ता है? आइये जानते हैं।

क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो (CUR) क्या है?

आपके क्रेडिट कार्ड पर उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में से आप जितना इस्तेमाल या खर्च करते हैं, उसी के आधार पर आपका क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो कैलकुलेट किया जाता है। आप अपनी क्रेडिट लिमिट में से जितना अधिक खर्च करेंगे, उतना अधिक आपका CUR होगा। क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो निकालने के लिए आप इस फॉर्मूले का इस्तेमाल कर सकते हैं –

क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो = क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि/ कुल क्रेडिट लिमिट x 100

उदाहरण– मान लीजिए, आपके पास तीन क्रेडिट कार्ड्स है। पहले क्रेडिट कार्ड की लिमिट 50,000 रु. है, दूसरे कार्ड की 75,000 रु और तीसरे की क्रेडिट लिमिट 1,25,000 रु. है। इन सभी कार्ड्स की क्रेडिट लिमिट को मिला दिया जाए तो आपकी पास कुल क्रेडिट लिमिट 2,50,000 रु. होगी। अब मान लीजिये की उस कुल क्रेडिट लिमिट में से आप 1,25,000 रु. खर्च करते हैं, तो इससे आपका क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो (1,25,000/ 2,50,000) x 100, यानी की 50% होगा।

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क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो का आपके क्रेडिट स्कोर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

अगर आप कभी-कभी अपनी क्रेडिट लिमिट पूरी खर्च करते हैं तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर कुछ खास असर नहीं पड़ता। लेकिन अगर आप हर महीने अपनी क्रेडिट लिमिट को पूरा खर्च करते हैं तो आपके क्रेडिट स्कोर के कम होने की संभावना बढ़ जाती है क्योंकि यह दर्शाता है कि आप अपने खर्चों के लिए क्रेडिट कार्ड पर निर्भर है।

क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो को कम कैसे रखें?

क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो को प्रभावित करने वाले कारकों में क्रेडिट लिमिट भी शामिल है। अगर आपको अपने खर्चों को कम करने में मुश्किल आ रही है, तो आप अपनी क्रेडिट लिमिट को बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। क्रेडिट लिमिट बढ़ने से आपका CUR कम हो जाएगा, बशर्ते आप क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के बाद अपने खर्चों को न बढ़ाएं। आप इन तरीकों से क्रेडिट लिमिट को बढ़ाकर अपना CUR कम कर सकते हैं।

  • अपनी क्रेडिट लिमिट में बढ़ोतरी करने के लिए एक से अधिक क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करें। क्योंकि जब आप एक से अधिक क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो आपके नए क्रेडिट कार्ड पर दी जाने वाली लिमिट आपकी कुल क्रेडिट लिमिट को बढ़ा देगी, जिससे आपका CUR कम हो जाएगा।उदाहरण के लिए, 1 लाख की क्रेडिट लिमिट में से 50,000 खर्च करने पर CUR 50% होगा, लेकिन अगर आप 1 लाख की क्रेडिट लिमिट वाले 2 कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी क्रेडिट लिमिट 2 लाख हो जाएगी। अब अगर आप इस लिमिट में से 50,000 रु. खर्च भी करते हैं तो आपका CUR केवल 25% होगा।
  • ऐसे कस्टमर्स जो अपने क्रेडिट कार्ड बिल का समय पर और नियमित भुगतान करते हैं, बैंक उन्हें क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का ऑफर प्रदान करते हैं। इन ऑफर्स को स्वीकार कर आप अपनी क्रेडिट लिमिट को बढ़ा सकते हैं। लेकिन अगर आपको बैंक से ऐसा कोई ऑफर नहीं मिलता, तो आप उनसे क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
  • क्रेडिट कार्ड को बंद न करवाएं। कई बार लोग वार्षिक फीस बचाने या अन्य कारणों से क्रेडिट कार्ड को बंद करवा देते हैं। हालांकि, ऐसा करने से उनकी क्रेडिट लिमिट कम हो जाती है जिससे उनका क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो बढ़ सकता है। ऐसे में क्रेडिट कार्ड अकाउंट को बंद करवाने के बजाय आप बैंक से क्रेडिट कार्ड को किसी ऐसे क्रेडिट कार्ड में स्वीच करने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं जो आपके खर्चों के मुताबिक हो और कम वार्षिक फीस ऑफर करता हो।

इस तरह हम कह सकते हैं कि अच्छा क्रेडिट स्कोर पाने के लिए क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो को कम रखना ज़रूरी है। CUR अधिक होने पर बैंक को लगता है कि आप क्रेडिट पर काफी निर्भर हैं जो भविष्य में लोन डिफॉल्ट की संभावना को दर्शाता है। इसलिए आप ऊपर बताए गए तरीके अपनाकर अपने CUR को कम कर क्रेडिट स्कोर को बेहतर बना सकते हैं।

 

 

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