पर्सनल लोन

पर्सनल लोन पर बेस्ट ऑफर चाहिए तो इन बातों का रखें ख्याल

पर्सनल लोन पर बेस्ट ऑफर चाहिए तो इन बातों का रखें ख्याल
Neha Singh
Neha Singh

पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन है, जो हमारी कई सारी पर्सनल और प्रोफेशनल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में हमारी मदद करता है। आज के समय में पर्सनल लोन लेने के लिए कई सारे विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में अपने लिए एक बेहतर पर्सनल लोन चुनना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। अपनी इस मुश्किल को आप नीचे दी गई कुछ बातों को ध्यान में रख कर आसान बना सकते हैं और अपने लिए बेहतर पर्सनल लोन चुन सकते हैं।

अपने मौजूदा बैंक/NBFC से पहले संपर्क करें

पर्सनल लोन की तलाश कर रहे आवेदक सबसे पहले अपने मौजूदा बैंक से संपर्क करें यानी उन बैंक/एनबीएफसी से जिनके साथ आपका पहले से कोई डिपॉज़िट या क्रेडिट अकाउंट हो। क्योंकि कई बैंक अपने मौजूदा कस्टमर्स को कम ब्याज दरों पर लोन ऑफर करते हैं। इसके अलावा बैंक अच्छी क्रेडिट प्रोफाइल वाले अपने मौजूदा कस्टमर को प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन भी ऑफर करते हैं। जिसका इंटरेस्ट रेट आमतौर पर रेगुलर पर्सनल लोन इंटरेस्ट रेट से कम होता है। इन प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन की सबसे अच्छी बात ये है कि इसके आवेदन के लिए किसी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं होती और लोन राशि आवेदन करने के तुरंत बाद या कुछ घंटों के भीतर कस्टमर के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। इसलिए जिन्हें तुरंत पर्सनल लोन की आवश्यकता है वो अपने मौजूदा बैंक व एनबीएफसी से प्री-अप्रूव्ड ऑफर के बारे में जरूर पता करें।

बाकी लोन ऑफर्स की तुलना करें

अपने मौजूदा बैंक से पर्सनल लोन के बारे में पता करने के बाद अन्य बैंकों/एनबीएफसी के पर्सनल लोन ऑफर की तुलना ज़रूर करें। इन ऑफर की तुलना करते समय न सिर्फ इंटरेस्ट रेट बल्कि प्रोसेसिंग फीस, लोन राशि, भुगतान अवधि, आदि पर भी ध्यान दें। एक बैंक की दूसरे बैंक से क्रेडिट रिस्क पॉलिसी अलग हो सकती है। जिस वजह से अलग-अलग बैंक आपको पर्सनल लोन पर भिन्न-भिन्न इंटरेस्ट रेट पर ऑफर कर सकते हैं। इसलिए जितना ज्यादा संभव हो सके उतने बैंकों/एनबीएफसी द्वारा ऑफर की जाने वाली पर्सनल लोन की तुलना करें।

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लोन टेन्योर समझदारी से चुनें

पर्सनल लोन टेन्योर लोन की EMI और इंटरेस्ट कॉस्ट यानी ब्याज लागत दोनों को प्रभावित करता है। जहां लंबा टेन्योर आपकी ईएमआई को कम करता है, वहीं आपके इंटरेस्ट कॉस्ट को उसी हिसाब से बढ़ा भी देता है। दूसरी तरफ, छोटी टेन्योर से आपकी EMI बढ़ जाती है लेकिन इंटरेस्ट कॉस्ट कम हो जाता है। इसलिए अपनी भुगतान क्षमता के आधार पर लोन टेन्योर चुनें। इसके साथ ये भी ध्यान रखें कि आपकी टोटल ईएमआई आपकी इनकम के 50-55% से ज्यादा ना हो। अगर ज़्यादा है तो आपने जिस पर्सनल लोन के लिए अप्लाई किया है, उस पर लोन अवधि बढ़ाकर उस रेश्यो को कम कर सकते हैं।

प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज नजरअंदाज न करें

पर्सनल लोन लेते समय लोगों को इंटरेस्ट रेट के अलावा प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन फीस, टेन्योर, आदि पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि लोन की कुल लागत में इनका भी अहम योगदान होता है। प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्जेस के आधार पर बैंक/ NBFC की तुलना करें और सबसे कम प्रोसेसिंग फीस व अन्य चार्जेस वाला लोन ऑफर चुनें। आमतौर पर प्रोसेसिंग फीस लोन राशि का 0.5% से 4% तक होता है। कई बैंक लोन राशि के आधार पर भी प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्जेस लेते है तो वहीं कुछ बैंकों ने इन चार्जेस की लिमिट तय कर रखी है। हालांकि कुछ बैंक/एनबीएफसी फेस्टिव सीजन के दौरान प्रोसेसिंग फीस माफ भी कर देते हैं।

यह भी पढ़ें: पर्सनल लोन प्री-पेमेंट के फ़ायदे और नुकसान

कितनी देर में लोन मिलेगा ये भी पता करें

आमतौर पर पर्सनल लोन के आवेदन से लेकर मंजूरी और फिर लोन मिलने में ज्यादा समय नहीं लगता। लेकिन अलग-अलग बैंक में यह समयावधि भिन्न-भिन्न हो सकती है। कुछ बैंक डिजिटल प्रोसेस के माध्यम से कुछ घंटों में ही लोन दे देते हैं। वहीं, कुछ बैंक अधिक समय लगाते हैं। इसलिए अपनी फाइनेंशियल जरूरत के हिसाब से अलग-अलग बैंकों से लोन डिसबर्स टाइम यानी लोन मिलने में लगने वाले समय की तुलना जरूर करें।

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