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फोन चोरी होने पर यूपीआई फ्रॉड से बचने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो

फोन चोरी होने पर यूपीआई फ्रॉड से बचने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो
Vandana Punj
Vandana Punj

आज के समय में लगभग हर कोई यूनिफ़ाइड पेमेंट इंटरफ़ेस (UPI) पेमेंट का इस्तेमाल कर रहा है। लोग पहले की तरह पर्स में पैसे न रखकर मोबाइल के यूपीआई वॉलेट में पैसे रख रहे हैं। और कहीं भी किसी भी खर्च के लिए यूपीआई पेमेंट (UPI Payment) का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन क्या हो अगर आपका फोन खो जाए या चोरी हो जाए। फोन खोने से नुकसान तो होगा ही इसके साथ ही यूपीआई ट्रांजैक्शन से होने वाले नुकसान का भी खतरा बना रहेगा। लेकिन इस खतरे को कम किया जा सकता है, कुछ आसान से टिप्स को फॉलो करके। ये वो टिप्स है जिन्हें आप सुरक्षा की दृष्टि से अपना सकते हैं और अगर कभी फोन चोरी हो जाए तो भी यूपीआई ट्रांजैक्शन से होने वाले फ्रॉड को कम कर सकते हैं। तो चलिए इन टिप्स के बारे में जानते हैं:  

मोबाइल को पासवर्ड से करें प्रोटेक्ट

कुछ लोग बार-बार मोबाइल खोलने में पासवर्ड की झंझट से परेशान होते हैं और पासवर्ड रखते ही नहीं। ऐसे लोगों के लिए सलाह है कि वह पासवर्ड (पिन, फिंगरप्रिंट और फेसलॉक) रखें ताकि कोई भी अजनबी व्यक्ति आपके फोन का एक्सेस न पा सके। संक्षेप में पासवर्ड आपके फोन को प्रोटेक्शन प्रदान करता है।  

डबल प्रोटेक्शन के लिए पासवर्ड

मोबाइल पर लगा पासवर्ड आपके फोन को प्रोटेक्शन प्रदान करता है और अगर पासवर्ड अलग-अलग ऐप पर लगा हो तो डबल प्रोटेक्शन मिलता है। खासतौर पर फाइनेंस से जुड़े ऐप जैसे- गूगल पे, फोन पे आदि पर मोबाइल पासवर्ड के अलावा अलग पासवर्ड जरूर रखें। ताकि अगर कोई आपके फोन का एक्सेस पा लेता है, तो उस ऐप विशेष का एक्सेस न पा सके। फिर कोई ट्रांजेक्शन भी नहीं कर पाएगा। 

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यूपीआई को ब्लॉक कर दें

अगर आपका फोन चोरी या खो जाता है तो सबसे पहले अपने यूपीआई (UPI) आईडी को ब्लॉक करवाएं। बिना देरी किए अपने परिवार के सदस्य या किसी दोस्त से फोन लेकर बैंक से संपर्क करें और यूपीआई को ब्लॉक करवाएं। ताकि आगे कोई भी ट्रांजेक्शन न हो पाएं। 

सही फाइनेंशियल ऐप चुनें

मार्केट में बहुत सारे फाइनेंशियल ऐप है। लेकिन सारे App सुरक्षित नहीं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) समय-समय पर सुरक्षा को लेकर ऐसे ऐप पर शिकंजे कसता रहता है। इसलिए किसी भी ऐप को डाउनलोड करन से पहले उसकी रेटिंग और सुरक्षामापदंड जरूर चेक करें। साथ ही ऐसे ऐप से सावधान रहे, जो फोन डेटा और यूपीआई डिटेल्स मांगता हो। ताकि आपको किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान न हो। 

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निष्कर्ष

ऑनलाइन की इस दुनिया में फोन हैंकिग, ऑनलाइन फ्रॉड होना या मोबाइल चोरी होना काफी आम बात हो गई है। लेकिन थोड़ी सी सतर्कता से फ्रॉड या हैंकिंग से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। जैसे- अगर कोई आपसे आपका यूपीआई नंबर मांग रहा है तो शेयर न करें, किसी अनवैरिफाइड ऐप को यूपीआई का एक्सेस न दें, साथ ही किसी भी तरह के SMS और ईमेल में अनऑथोराइज्ड लिंक को क्लिक न करें। इन सारी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप ऑनलाइन के जरिए होने वाले फ्रॉड से बच सकते हैं। और ऊपर बताएं गए तरीकों को फॉलो करके फोन चोरी होने या खोने पर यूपीआई ट्रांजेक्शन से होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं। 

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